5 हजार की रिश्वत लेते रोजगार सहायक लोकायुक्त के जाल में फंसा…..
प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि दिलाने के नाम पर मांग रहा था घूस

मंडला। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजना में भ्रष्टाचार का एक और गंभीर मामला सामने आया है। आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ग्राम रोजगार सहायक को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक अब्दुल बाहव की पत्नी सबीना बी के नाम से ग्राम साल्हे कोसमी में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सबसे पहले नाम जोड़ने एवं आवास की स्वीकृत राशि 1 लाख 50 हजार रुपये शीघ्र दिलवाने के एवज में आरोपी ओमेंद्र कुमार पारधी, ग्राम रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत साल्हे कोसमी (तहसील बरघाट, जिला सिवनी) द्वारा 5 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
रिश्वत की मांग से परेशान आवेदक ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने आज 22 जनवरी को आरोपी को उसके निज निवास से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप कर लिया।
लोकायुक्त द्वारा आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस सफल ट्रैप कार्रवाई में प्रभारी डीएसपी श्रीमती नीतू त्रिपाठी, ट्रैप कर्ता सुश्री शशि मर्सकोले, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित लोकायुक्त जबलपुर का विशेष दल मौजूद रहा।
👉 यह कार्रवाई न सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश है, बल्कि आम जनता के लिए यह भी चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं में रिश्वतखोरी अब लोकायुक्त की पैनी नजर से बच नहीं पाएगी।




