जमीनी विवाद में विधायक का हस्तक्षेप बना बवाल, उग्र ग्रामीणों के आक्रोश से मऊगंज में मची अफरा-तफरी…..

रिपोर्ट – जिला रीवा: प्रहलाद पाण्डेय
रीवा : जमीनी विवाद के एक मामले में कथित तौर पर एक पक्ष का समर्थन करने पहुँचे मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल को सोमवार को ग्रामीणों के तीव्र जनाक्रोश का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विधायक के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक प्रदीप पटेल विवादित स्थल पर धरने पर बैठने की तैयारी में थे, लेकिन बड़ी संख्या में एकत्र ग्रामीणों ने इसे जनभावनाओं के विरुद्ध हस्तक्षेप बताते हुए उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध इतना तेज हो गया कि विधायक को पुलिस प्रशासन की मदद से मौके से निकलना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक के काफिले ने मौके से निकलते समय अत्यधिक तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाया, जिससे वहां मौजूद लोगों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया। यदि कोई ग्रामीण वाहन के सामने आ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने ग्रामीणों के आक्रोश को और भड़का दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि निष्पक्ष भूमिका छोड़कर किसी विशेष पक्ष के समर्थन में खड़े होते हैं, तो आम जनता खुद को ठगा और असहाय महसूस करती है। ग्रामीणों के मुताबिक, लंबे समय से उपेक्षा और अन्याय झेल रही जनता का गुस्सा इसी कारण सड़कों पर फूट पड़ा।
घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि हालात पर नियंत्रण रखा जा सके। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन ग्रामीणों में नाराज़गी अब भी बरकरार है।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका जनहित में होनी चाहिए या सत्ता के प्रभाव में—क्योंकि जब जनता भरोसा खो देती है, तो विरोध सड़कों पर उतर आता है।




