रेलवे साइडिंग में लोहे की संगठित लूट का भंडाफोड़….
पप्पू” निकला मास्टरमाइंड, पसान पुलिस की सख़्त कार्रवाई से खुला सालों पुराना काला खेल

कोरबा (पसान) : रेलवे साइडिंग को वर्षों से चूना लगाकर सरकारी संपत्ति पर डाका डालने वाला गिरोह आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। थाना पसान क्षेत्र अंतर्गत चैनिज नंबर 96, तेलियामार स्थित रेलवे कंस्ट्रक्शन एरिया में लंबे समय से चल रहे लोहे की संगठित चोरी के नेटवर्क का पसान पुलिस ने सनसनीखेज़ खुलासा किया है।
इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड दीपक कुमार साहू उर्फ पप्पू निकला, जो अपने साथी नरेश तिर्की के साथ मिलकर रेलवे साइडिंग से कीमती सेंटरिंग प्लेटों की चोरी कर कबाड़ी तक पहुँचाता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
एक रात की चोरी, खुल गई पूरी चेन
04–05 फरवरी 2026 की दरम्यानी रात रेलवे साइडिंग से 22 नग लोहे की सेंटरिंग प्लेट चोरी होने के बाद मामला दर्ज हुआ। प्रार्थी शैलेस कुमार यादव की शिकायत पर थाना पसान में अपराध क्रमांक 31/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गई।
लगातार हो रही चोरियों को गंभीर चुनौती मानते हुए पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी (भा.पु.से.) के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई।
योजनाबद्ध ऑपरेशन, परत-दर-परत खुला राज
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले एवं श्री नितिश ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी कटघोरा श्री विजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में थाना प्रभारी पसान श्री चन्द्रपाल खाण्डे की टीम ने जब आरोपियों को दबोचा, तो पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
आरोपियों ने कबूल किया कि चोरी की गई प्लेटें पेण्ड्रा निवासी कबाड़ी ताहिर अंसारी को बेची जाती थीं। पुलिस ने कबाड़ी के यार्ड से चोरी का लोहा और ₹7,300 नकद जब्त कर इस अवैध कारोबार की पूरी कड़ी को उजागर कर दिया।
सिर्फ शुरुआत! और नामों पर मंडरा रहा शिकंजा
पुलिस सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई सिर्फ ट्रेलर है। रेलवे साइडिंग से जुड़ी पुरानी चोरियों की फाइलें अब फिर से खंगाली जा रही हैं और इस काले खेल से जुड़े कई और चेहरे जल्द बेनक़ाब हो सकते हैं।
कड़ा संदेश
पसान पुलिस की इस निर्णायक कार्रवाई से इलाके में चोरी और कबाड़ के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। साफ संदेश है—
सरकारी संपत्ति पर हाथ डालोगे, तो सलाखों के पीछे जाओगे।




