भाजयुमो नियुक्ति विवाद: बिना सक्रियता के योगेश शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी, पुराने कार्यकर्ताओं में आक्रोश, पुनः सूची जारी करने की मांग तेज……

कोरबा। भारतीय जनता युवा मोर्चा में हाल ही में जारी की गई जिला स्तरीय नियुक्ति सूची को लेकर संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिस व्यक्ति का संगठन से न तो कोई ठोस जुड़ाव रहा और न ही सक्रियता का कोई स्पष्ट परिचय, ऐसे व्यक्ति योगेश शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस फैसले ने वर्षों से संगठन में मेहनत कर रहे पुराने कार्यकर्ताओं के बीच गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है।
पुराने कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए जमीन पर काम किया, उन्हें नजरअंदाज कर अचानक नए चेहरों को महत्वपूर्ण पद दे देना संगठनात्मक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कई कार्यकर्ताओं का यह भी आरोप है कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है।
इस पूरे मामले को लेकर जब अखबारों और मीडिया में तीखे सवाल उठे और पुराने कार्यकर्ताओं की आवाज बड़े-बड़े पदाधिकारियों तक पहुंच गई, तब भी अब तक सूची में किसी तरह का संशोधन नहीं किया गया। ऐसे में कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर पुनः सूची जारी करने में इतनी संकोच क्यों हो रही है।
संगठन के अंदर अब तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ कार्यकर्ता इसे पैसों के खेल से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि यह संगठन के भीतर चल रही सियासी खींचतान और गुटबाजी का परिणाम हो सकता है।
नाराज़ कार्यकर्ताओं ने जिला और प्रदेश नेतृत्व से मांग की है कि वर्तमान सूची को निरस्त कर पारदर्शी तरीके से पुनः नई सूची जारी की जाए, ताकि संगठन में वर्षों से मेहनत कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित स्थान मिल सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या संगठन नेतृत्व कार्यकर्ताओं की नाराज़गी को गंभीरता से लेते हुए जल्द कोई निर्णय करेगा, या फिर यह विवाद आने वाले समय में संगठन के भीतर और बड़ा रूप ले सकता है।




