कोरबा भाजयुमो की नियुक्ति लिस्ट पर घमासान: क्या पर्दे के पीछे चल रहा है ‘पदों का सौदा’?……

कोरबा। भारतीय जनता युवा मोर्चा की हाल ही में जारी जिला पदाधिकारियों की सूची को लेकर संगठन के भीतर ही जबरदस्त घमासान छिड़ गया है। सूची सामने आते ही वर्षों से संगठन में पसीना बहाने वाले पुराने कार्यकर्ताओं में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर ऐसे चेहरों को जिला स्तर की जिम्मेदारी सौंप दी गई है जिनकी संगठनात्मक सक्रियता पर ही सवाल उठ रहे हैं।

संगठन के अंदरखाने अब कई तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कुछ कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल भी गूंज रहा है कि क्या नियुक्तियों में योग्यता और समर्पण को दरकिनार कर कोई और समीकरण काम कर गया?
इतना ही नहीं, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि कहीं पदों के बंटवारे में पैसों के लालच का खेल तो नहीं हुआ? हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच उठ रहे सवाल सीधे तौर पर जिला नेतृत्व पर दबाव बना रहे हैं।

कार्यकर्ताओं के बीच यह भी चर्चा है कि आखिर वैभव शर्मा, जो भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हैं, उन्होंने किन आधारों पर इन नामों को जिम्मेदारी सौंपी? क्या यह निर्णय संगठनात्मक परंपरा के तहत लिया गया या फिर इसके पीछे कोई और रणनीति काम कर रही है?
नाराज़ कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर यही राजनीति है तो फिर क्या पार्टी की गुटनीति अब यही कहती है कि पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को पीछे छोड़ दिया जाए और अचानक नए लोगों को जिले की बड़ी जिम्मेदारियां सौंप दी जाएं?
इधर कई कार्यकर्ताओं ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं से इस विवादित सूची की पुनः समीक्षा करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस मामले में स्पष्टता नहीं आई तो यह विवाद और गहरा सकता है और संगठन की छवि पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
अब सबकी निगाहें जिला और प्रदेश नेतृत्व पर टिकी हैं कि वे इस बढ़ते विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या नियुक्ति सूची को लेकर कोई बड़ा फैसला सामने आता है।आता है।




