कोरबा में निगम का ‘एक्शन मोड’: बड़े बकायादारों पर सीधी चोट, संपत्तियां सील… चंद घंटों में झुके दो, एक अब भी जकड़ में……

ममता यादव की जय रिपोर्ट
कोरबा :- 20 मार्च 2026 नगर पालिक निगम कोरबा ने बकाया कर वसूली को लेकर आज ऐसा कड़ा संदेश दिया, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया। निगम ने एक ही दिन में तीन बड़े बकायादारों की संपत्तियों पर सील जड़ दी—और कार्रवाई का असर इतना तेज रहा कि कुछ ही घंटों में दो बकायादारों को झुकना पड़ा।

आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के सख्त निर्देश पर राजस्व अमले ने कोरबा जोन में यह ताबड़तोड़ कार्रवाई की।
निगम रिकॉर्ड के अनुसार—
बी.पी. मोदी पर ₹1,81,056
अनूपचंद अग्रवाल पर ₹2,32,653
शंकरशरद अग्रवाल पर ₹91,602
का बकाया लंबित था।
⚡ सीलिंग का असर: मौके पर ही भुगतान
जैसे ही निगम ने संपत्तियों को सील किया, दबाव साफ दिखा—
बी.पी. मोदी ने तत्काल पूरी राशि जमा कर दी
अनूपचंद अग्रवाल ने ₹1.50 लाख मौके पर चुकाए और शेष रकम 31 मार्च तक देने का लिखित वादा किया
दोनों के भुगतान के बाद निगम ने उनकी संपत्तियों से सील हटा दी।
🚫 एक अब भी निशाने पर
वहीं, शंकरशरद अग्रवाल द्वारा कोई भुगतान नहीं करने पर उनकी संपत्ति अब भी सील है। निगम प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि अगला कदम और भी सख्त होगा।
🔴 “अब नहीं चलेगी ढिलाई”
निगम का स्पष्ट कहना है कि बार-बार नोटिस और वारंट के बावजूद कर नहीं चुकाने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। संपत्तिकर, समेकित कर और जलकर में लंबित बड़ी राशि शहर के विकास कार्यों में बाधा बन रही है।
⚠️ अगला कदम: कुर्की की तैयारी
आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने दो टूक कहा—
“सीलिंग तो शुरुआत है, जरूरत पड़ी तो कुर्की की कार्रवाई भी होगी।”
📢 करदाताओं के लिए सख्त संदेश
निगम ने सभी बकायादारों को चेतावनी दी है कि समय रहते बकाया जमा करें, वरना ऐसी ही कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
👉 साफ है—कोरबा निगम अब ‘रिमाइंडर मोड’ से निकलकर ‘रिकवरी मोड’ में आ चुका है, और अगली कार्रवाई और भी कड़ी हो सकती है।




