करतला जनपद में बगावत: सामान्य सभा का बहिष्कार, DMF कोटा की मांग पर अड़े सदस्य…..

कोरबा से ममता यादव की खास रिपोर्ट
कोरबा | 18 मार्च करतला जनपद पंचायत में जनप्रतिनिधियों का गुस्सा आखिरकार खुलकर सामने आ गया। बुधवार को आयोजित सामान्य सभा उस वक्त हंगामेदार मोड़ पर पहुंच गई, जब आक्रोशित सदस्यों ने एकजुट होकर बैठक का सीधा बहिष्कार कर दिया।
सदस्यों का आरोप है कि उन्हें जनता ने चुनकर भेजा है, लेकिन प्रशासन उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है। विकास कार्यों में उनकी भूमिका सिर्फ कागजों तक सीमित कर दी गई है, जबकि फैसले कहीं और लिए जा रहे हैं।
❗ DMF फंड को लेकर बड़ा विवाद
सदस्यों ने साफ कहा कि DMF (जिला खनिज न्यास) फंड का लाभ केवल जिला पंचायत स्तर तक सीमित कर दिया गया है, जबकि जनपद पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों को इससे पूरी तरह वंचित रखा जा रहा है।
उनका कहना है कि:
जनपद सदस्यों को DMF में अलग कोटा दिया जाए
विकास कार्यों के लिए सीधा फंड आवंटन हो
योजनाओं में उनकी अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की जाए
⚠️ “हम सिर्फ नाम के प्रतिनिधि नहीं”
आक्रोशित सदस्यों ने दो टूक कहा कि ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तक में उनसे राय नहीं ली जाती। यह सीधे-सीधे जनादेश का अपमान है।
एक सदस्य ने तीखे शब्दों में कहा—
“जब हमारी सुनवाई ही नहीं हो रही, तो बैठक में बैठने का क्या मतलब?”
🚫 बहिष्कार से ठप पड़ी कार्यवाही
सदस्यों के सामूहिक बहिष्कार के चलते सामान्य सभा की कार्यवाही प्रभावित रही। बैठक बिना किसी ठोस निष्कर्ष के ही अधूरी रह गई।
🔍 आगे क्या?
इस घटनाक्रम ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ती खाई को उजागर कर दिया है। अब सवाल यह है कि:
क्या प्रशासन सदस्यों की मांगों पर ध्यान देगा?
या यह टकराव आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?
👉 फिलहाल, करतला जनपद में सियासी तापमान तेज है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के संकेत दे रहा है।




