नपा दीपका में ‘रोशनी’ के नाम पर अंधेरा! 84 लाख की स्ट्रीट लाइट योजना में बड़ा घोटाला, जनहानि का खतरा…..

ममता यादव की खास रिपोर्ट
कोरबा-दीपका : दीपका नगर पालिका परिषद एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। इस बार मामला शहर को रोशन करने वाली स्ट्रीट लाइट योजना का है, जो खुद भ्रष्टाचार के अंधेरे में डूबी नजर आ रही है। लगभग 84 लाख रुपये के इस प्रोजेक्ट में भारी अनियमितताओं, अधिकारियों-ठेकेदारों की मिलीभगत और घटिया कार्य के आरोप सामने आए हैं।
वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद कमलेश जायसवाल ने इस पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को विस्तृत शिकायत भेजी है। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया है कि यह सिर्फ वित्तीय गड़बड़ी नहीं, बल्कि जन सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है।
🔴 क्या हैं बड़े आरोप?
शिकायत में कई गंभीर बिंदु उठाए गए हैं, जो पूरे मामले को संदेहास्पद बनाते हैं—
निविदा शर्तों का खुला उल्लंघन: टेंडर की शर्तों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से कार्य कराया जा रहा है।
घटिया सामग्री का उपयोग: स्ट्रीट लाइट पोल, वायरिंग और अन्य उपकरणों की गुणवत्ता बेहद खराब बताई गई है।
तकनीकी मानकों की अनदेखी: सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अधिकारियों-ठेकेदार की मिलीभगत: पूरे प्रोजेक्ट में अंदरखाने सांठगांठ के आरोप, जिससे सरकारी धन की बंदरबांट की आशंका।
कार्य की निगरानी में लापरवाही: जिम्मेदार विभाग द्वारा गुणवत्ता जांच और सुपरविजन में भारी लापरवाही।
⚠️ जनहानि की आशंका, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों और पार्षद का कहना है कि कई जगहों पर ढीले पोल, खुले तार और अधूरे इंस्टॉलेशन देखने को मिल रहे हैं।
बारिश या तेज हवा के दौरान यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है, जिससे करंट लगने या पोल गिरने जैसी घटनाएं घट सकती हैं।
📢 जांच और कार्रवाई की मांग
पार्षद कमलेश जायसवाल ने मांग की है कि—
पूरे 84 लाख के प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो
घटिया कार्य को तुरंत रोका जाए और मानकों के अनुसार पुनः कार्य कराया जाए
🧭 बड़ा सवाल: विकास या भ्रष्टाचार?
दीपका में स्ट्रीट लाइट लगाने का मकसद शहर को सुरक्षित और रोशन बनाना था, लेकिन मौजूदा हालात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या विकास के नाम पर जनता की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है?
क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा?
👉 यह मामला सिर्फ एक नगर पालिका तक सीमित नहीं, बल्कि सिस्टम में व्याप्त लापरवाही और भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।




