धान नहीं बेच पाने को लेकर किसान राम जी पटेल ने बयां किया अपना दर्द…..
धान के वर्तमान खरीदी दौर में प्रशासनिक कारणों के चलते धान नहीं बेच पाने से किसान हो रहे चिंतित

कोरबा :_ चैतमा अंतर्गत के धान खरीदी केंद्र में आए हुए किसान राम जी पटेल जो ग्राम चैतमा के निवासी किसान है का कहना है वो समिति में पंजिकृत किसान हैं उनका एग्रस्टेक से पंजीयन भी है और वह दो बार बैंक से ऋण भी उठा चुके है उनके पास सभी दस्तावेजी साक्ष्य सब सही सही है उसके बाद भी जब वह टोकन कटाने गए तो सिस्टम में उनका रकबा निरंक दिख रहा है किसान राम जी पटेल के भूमि का रकबा ही नहीं बता रहा है जिसके कारण किसान धान नहीं बेच पा रहा है उक्त किसान ने बताया की इस तरह की समस्या और भी किसानों के पास भी उत्पन्न हो रहें है जिसके कारण किसान धान बेचने से वंचित हो रहें है । धान नहीं बिकने के कारण वे आर्थिक रूप से कमजोर और परेशान हो रहें है, चिंतित अवस्था में किसान राम जी पटेल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि “किसान और किसान के परिवार का जीवन चक्र फसल पर ही आधारित होता है , फसल उत्पादन और उसे बेच कर जो आय प्राप्त होता है उसी से उनका परिवार का जीवन यापन हो पाता है बहुत से किसानों का कर्ज छुटने से लेकर, बच्चों की पढ़ाई का खर्चा, बेटा बेटियों के विवाह आदि जैसे कार्य किसान फसल बेच कर अर्जित आय से ही संपन्न कर पाता है । अगर सरकार धान नहीं खरीदेगी तो किसान अपने परिवार की भरण पोषण की जिम्मेदारी कैसे निभा सकेगा ?”
कुछ किसान धान खरीद में इस तरह के उत्पन्न समस्याओं को लेकर काफी चिंतित और नाराज़ दिखे । इन सभी बातों से यह स्पष्ट पता चलता है की कहीं कहीं धान खरीदी केंद्रों और खरीदी व्यवस्थाओं के दौरान आने वाले दिक्कतों के कारण किसान अपना धान नहीं बेच पा रहे है ।
शायद यही कारण है कि
वर्तमान धान खरीदी के दौर में कुछ किसानों का रकबा कटा है तो कुछ किसानों का रकबा ही निरंक बता रहा है ।
धान खरीदी अव्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए किसान कह रहें हैं कि किसानों का रकबा सुधार के लिए तहसील ऑफिस के कई बार चक्कर काटना पड़ रहा है। उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा है ।
प्रशासनिक कारणों के चलते किसान चिंतित है लेकिन ये पहला मामला है जब किसी किसान धान खरीद की अव्यवस्था को लेकर परेशान न हुआ हो अब तक जिले में किसानों ने आत्महत्या करने का प्रयास भी किया है। जो एक गंभीर विषय है।




