कोरबा में गूंजी शहनाई, 260 जोड़ों ने थामा जीवनभर का साथ…..
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से सजे सपने, सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश

कोरबा, 10 फरवरी 2026 छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आज कोरबा जिला खुशियों, संवेदनशील प्रशासन और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बना। जिला मुख्यालय स्थित सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 260 जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। पूरे परिसर में शहनाइयों की गूंज, मंगलगीतों की मधुर ध्वनि और परिजनों की भावुक मुस्कान ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।

इस गरिमामय अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखी, समृद्ध एवं सफल दांपत्य जीवन की मंगलकामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह को सम्मानपूर्वक संपन्न कराने की दिशा में राज्य शासन की संवेदनशील और दूरदर्शी पहल है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग, आबकारी एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह योजना सामाजिक समानता, बेटियों के सम्मान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संबल देने का सशक्त माध्यम बन रही है।

मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि राज्य की लगभग 70 लाख महिलाएं महतारी वंदन योजना से लाभान्वित होकर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी नवदंपत्तियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन अनेक परिवारों के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत का प्रतीक हैं। राज्य शासन का उद्देश्य है कि आर्थिक कारणों से किसी भी परिवार को अपनी बेटी के विवाह को लेकर चिंता न करनी पड़े।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने इसे महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि सरकार जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम समाज के हर वर्ग तक दिखाई दे रहा है।

प्रत्येक नववधू को 50 हजार रुपये की सहायता
इस सामूहिक विवाह समारोह में 260 नवविवाहित जोड़ों को विवाह उपरांत 35-35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। योजना के तहत प्रत्येक नववधू को कुल 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये सीधे कन्या को, 7 हजार रुपये वर-वधु के परिधान एवं श्रृंगार सामग्री हेतु तथा 8 हजार रुपये विवाह आयोजन पर व्यय किए जाते हैं। योजना का लाभ गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले अथवा मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के पात्र परिवारों को प्रदान किया जाता है।
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य फिजूलखर्ची पर रोक, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश तथा गरीब परिवारों की बेटियों की विदाई सम्मान और गरिमा के साथ सुनिश्चित करना है। मुख्य अतिथि मंत्री श्री देवांगन ने नवदंपत्तियों को चेक, प्रणाम पत्र तथा स्मृति स्वरूप फोटोग्राफ भी प्रदान किए।

समावेशिता की प्रेरक झलक
समारोह में सामाजिक समावेशिता का प्रेरक दृश्य भी देखने को मिला, जहां 02 दिव्यांगजन तथा 02 विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) के वर-वधू भी विधि-विधान के साथ परिणय सूत्र में बंधे और योजना के अंतर्गत निर्धारित सभी लाभ प्राप्त किए।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, नगर निगम सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, जनप्रतिनिधिगण, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बसंत मिंज सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
सामूहिक विवाह समारोह ने न केवल 260 परिवारों के जीवन में खुशियों का नया अध्याय जोड़ा, बल्कि समाज में समरसता, समानता और बेटियों के सम्मान का सशक्त संदेश भी प्रसारित किया।




