माइंस में बवाल: ऑपरेटर पर हमला, जान से मारने की धमकी—कर्मचारियों का काम बंद कर उग्र धरना…..

ममता यादव की खास रिपोर्ट
कोरबा। एसईसीएल की गेवरा खदान एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गई है। चालक बहुरन दास के साथ हुई मारपीट और जान से मारने की धमकी की घटना ने कर्मचारियों में भारी आक्रोश भड़का दिया है। घटना के विरोध में खदान के कर्मचारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए कामकाज ठप कर दिया और कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
सूत्रों के अनुसार, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के 50 से अधिक कर्मचारियों ने सुबह हाजिरी दर्ज कराई, लेकिन इसके बाद काम पर जाने से साफ इनकार कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे श्रमिक वर्ग की सुरक्षा पर सवाल है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मारपीट में शामिल शिफ्ट डंपर ऑपरेटरों के खिलाफ कड़ी और स्पष्ट कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों का गुस्सा इस कदर है कि वे किसी भी समझौते के मूड में नजर नहीं आ रहे।
इस विरोध का सीधा असर खदान के उत्पादन और संचालन पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालात बिगड़ते देख कर्मचारियों ने गेवरा जीएम को तत्काल मौके पर बुलाकर समाधान निकालने की मांग की है।
अब सबकी निगाहें प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई या फिर बढ़ेगा यह आंदोलन और गहराएगा संकट?




