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ज्ञानभारतम पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान में ऐतिहासिक सफलता…..

ग्राम तुमान में मिला ब्रिटिश शासन काल का दुर्लभ 80 वर्ष पुराना दस्तावेज, क्षेत्र में उत्साह का माहौल.....

कोरबा, 22 मई 2026 :_ कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिलेभर में संचालित “ज्ञानभारतम” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पोड़ीउपरोड़ा विकासखंड के ऐतिहासिक ग्राम तुमान में सर्वेक्षण के दौरान ब्रिटिश शासन काल का अत्यंत दुर्लभ एवं प्राचीन हस्तलिखित दस्तावेज प्राप्त हुआ है, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्सुकता और गौरव का वातावरण निर्मित कर दिया है।

अभियान के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि ग्राम तुमान निवासी बुजुर्ग बिधून दास महंत के परिवार द्वारा यह अमूल्य दस्तावेज उपलब्ध कराया गया। प्रारंभिक अवलोकन में पाया गया कि दस्तावेज लगभग 80 वर्ष पुराना है तथा उस पर ब्रिटेन के तत्कालीन राजा की तस्वीर अंकित एक रुपये का स्टाम्प लगा हुआ है, जो इसे ब्रिटिश शासन काल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर बनाता है।

यह दस्तावेज हाथ से लिखा गया है, जिसकी स्याही समय के साथ धुंधली पड़ चुकी है तथा कागज़ अत्यंत जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। इसके बावजूद दस्तावेज आज भी उस दौर की प्रशासनिक व्यवस्था, लेखन शैली और ऐतिहासिक परिस्थितियों की सजीव झलक प्रस्तुत करता है। ग्रामीणों के अनुसार इस प्रकार के पुराने दस्तावेज वर्षों से परिवारों में सुरक्षित रखे गए थे, किंतु उनके ऐतिहासिक महत्व की जानकारी अब सामने आ रही है।

ग्राम तुमान में इस ऐतिहासिक खोज के बाद क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने इसे अपने क्षेत्र की गौरवशाली विरासत बताते हुए कहा कि ऐसी धरोहरें आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से जोड़ने का कार्य करेंगी। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने अपने घरों में सुरक्षित पुराने दस्तावेजों एवं पाण्डुलिपियों की जानकारी भी साझा की।

जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को बचाने के लिए पुराने दस्तावेजों एवं हस्तलिखित पाण्डुलिपियों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि 75 वर्ष से अधिक पुरानी हस्तलिखित पाण्डुलिपियां, चाहे वे कागज़, ताड़पत्र अथवा भोजपत्र पर किसी भी लिपि में लिखी गई हों, उन्हें “ज्ञानभारतम” अभियान के अंतर्गत सूचीबद्ध कर डिजिटल रूप से संरक्षित किया जा रहा है।

उन्होंने ग्रामीणों को अपने मोबाइल में “ज्ञानभारतम् एप” डाउनलोड कर प्राचीन दस्तावेजों एवं पाण्डुलिपियों का फोटो अपलोड करने की जानकारी दी, ताकि जिले की ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित रह सके और आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति एवं इतिहास से परिचित हो सकें।
ग्राम तुमान में मिली यह ब्रिटिश कालीन ऐतिहासिक धरोहर न केवल कोरबा जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है, बल्कि यह खोज इस बात का प्रमाण भी है कि गांवों में आज भी इतिहास के अनमोल खजाने सुरक्षित हैं, जिन्हें पहचानने और संरक्षित करने की आवश्यकता है।

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