https://diwanexpressnews.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifछत्तीसगढ़टॉप न्यूज़देशराजनीतिराज्यलोकल न्यूज़

मल्दा में टूटा गरीब का घर, कन्हैया लाल चौहान ने बढ़ाया मदद का हाथ.….

“सूरज कुंवर का आशियाना जमींदोज, परिवार बेघर—मदद को पहुंचे जनपद सदस्य”

कोरबा से जितेंद्र सागर की खास रिपोर्ट 

कोरबा/कटघोरा (मल्दा), 31 अगस्त 2026।:- कटघोरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मल्दा से सोमवार को एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। प्राकृतिक आपदा और लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े मकान के चलते गरीब महिला सूरज कुंवर का आशियाना अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया। देखते ही देखते जिस घर में परिवार ने वर्षों से अपनी जिंदगी के सुख-दुख संजोए थे, वह मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

मकान के धराशायी होने से परिवार पर अचानक ऐसा संकट टूट पड़ा कि उनके सिर से छत छिन गई। घर के भीतर रखा गृहस्थी का सामान, जरूरी सामग्री और अन्य उपयोगी वस्तुएं भी मलबे में दबकर खराब हो गईं। हादसे के बाद पीड़ित परिवार के सामने रहने, खाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने तक का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एक झटके में परिवार की वर्षों की मेहनत और जमा-पूंजी मिट्टी में मिल गई।

आशियाना उजड़ा तो छलक पड़े आंसू, बेबस नजरों से मलबे को देखती रही पीड़िता

मकान ढहने के बाद सूरज कुंवर और उनका परिवार बेहद सदमे में है। जिस घर को परिवार ने अपना सुरक्षित आशियाना समझकर जिंदगी बिताई, उसी घर को अपनी आंखों के सामने मलबे में बदलते देखना उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।

 

घटना के बाद परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो गई। बारिश और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच सिर छिपाने के लिए सुरक्षित छत तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे कठिन समय में परिवार को तत्काल प्रशासनिक सहायता और सुरक्षित आवास की जरूरत महसूस हो रही है।

संकट की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे जनपद सदस्य कन्हैया लाल चौहान

पीड़ित परिवार की स्थिति की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के जनपद सदस्य कन्हैया लाल चौहान तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लिया तथा मलबे में तब्दील हुए आशियाने की स्थिति को करीब से देखा।

 

जनपद सदस्य ने पीड़ित महिला सूरज कुंवर और उनके परिवार से मुलाकात कर उनकी परेशानी सुनी। इस दौरान परिवार की पीड़ा और बेबसी देखकर उन्होंने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

 

उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ बैठकर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि विपत्ति की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन-प्रशासन के समक्ष परिवार की समस्या को गंभीरता से रखा जाएगा और पात्रतानुसार सरकारी सहायता दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

“संकट की इस घड़ी में पूरा क्षेत्र आपके साथ है”

जनपद सदस्य कन्हैया लाल चौहान ने पीड़ित महिला को भरोसा दिलाते हुए कहा कि घर ढहने से परिवार पर आई इस मुसीबत को देखते हुए वे संबंधित अधिकारियों से चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार आपदा राहत एवं मुआवजा दिलाने तथा आवास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।

 

उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र है तो संबंधित विभागीय अधिकारियों से समन्वय कर पक्का मकान स्वीकृत कराने की दिशा में हरसंभव प्रयास किया जाएगा, ताकि पीड़ित परिवार को दोबारा सुरक्षित छत मिल सके।

मुआवजा और पक्के मकान की उम्मीद, प्रशासन से त्वरित मदद की आस

मकान पूरी तरह ढह जाने के बाद अब पीड़ित परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद शासन-प्रशासन से है। परिवार चाहता है कि नुकसान का उचित आकलन कर नियमानुसार राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तथा उन्हें स्थायी आवास की सुविधा मिल सके।

 

ऐसे मामलों में समय पर प्रशासनिक सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि गरीब परिवार के लिए अपने दम पर नया मकान खड़ा करना आसान नहीं होता। यही वजह है कि जनपद सदस्य द्वारा मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से समन्वय का भरोसा दिए जाने से परिवार को कुछ राहत और उम्मीद मिली है।

 

जनप्रतिनिधि की तत्परता की ग्रामीणों ने की सराहना

 

घटना के बाद जनपद सदस्य कन्हैया लाल चौहान द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करने और उनकी समस्या को गंभीरता से लेने की पहल की ग्रामीणों ने सराहना की है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का वास्तविक दायित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि जब किसी गरीब और जरूरतमंद परिवार पर अचानक विपत्ति आती है, तब उसके साथ खड़ा होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार के बीच पहुंचकर उसका दर्द सुनना और सरकारी सहायता दिलाने का प्रयास करना जनप्रतिनिधि की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

 

अब प्रशासन की ओर टिकी निगाहें

 

मल्दा की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा का सवाल सामने ला दिया है। पीड़ित सूरज कुंवर के परिवार के लिए फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत सुरक्षित छत, तत्काल राहत और आर्थिक सहायता है।

 

जनपद सदस्य कन्हैया लाल चौहान की पहल के बाद अब ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की नजर शासन-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करेंगे और पात्रता के अनुसार पीड़ित परिवार को राहत, मुआवजा तथा आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई करेंगे।

 

मल्दा में एक गरीब परिवार का आशियाना भले ही मलबे में बदल गया हो, लेकिन जनप्रतिनिधि की तत्परता ने पीड़ित परिवार के भीतर मदद और नई शुरुआत की उम्मीद जरूर जगाई है। अब जरूरत है कि यह पहल सरकारी सहायता तक पहुंचे और सूरज कुंवर के परिवार को जल्द एक सुरक्षित और पक्का आशियाना मिल सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!