मुख्य न्यायमूर्ति का कोरबा-कटघोरा दौरा, न्यायिक व्यवस्थाओं की हुई गहन समीक्षा…..
न्यायिक व्यवस्थाओं की पड़ताल, अधिवक्ताओं की समस्याओं पर मुख्य न्यायमूर्ति का आश्वासन

कोरबा, 29 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने शनिवार को कोरबा जिला न्यायालय एवं व्यवहार न्यायालय, कटघोरा का निरीक्षण कर न्यायालयीन व्यवस्थाओं, अधोसंरचना, उपलब्ध सुविधाओं तथा निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने न्यायिक अधिकारियों की बैठक लेकर न्यायालयीन कार्यों, लंबित प्रकरणों और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, कोरबा एवं कटघोरा अधिवक्ता संघ द्वारा मुख्य न्यायमूर्ति का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया तथा अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं और मांगों से उन्हें अवगत कराया गया।
कोरबा जिला न्यायालय में व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों का लिया जायजा
जिला न्यायालय परिसर पहुंचने पर मुख्य न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके पश्चात उन्होंने न्यायालय परिसर की विभिन्न शाखाओं एवं सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोर्ट रूम, चिकित्सक कक्ष, विशेष न्यायालय, प्रतिलिपि अनुभाग, शिशु सदन, लोक सूचना अधिकारी कार्यालय, ई-सेवा केंद्र, डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग रूम सहित न्यायालय परिसर में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
मुख्य न्यायमूर्ति ने न्यायालयीन कार्यों के सुचारू संचालन के साथ-साथ न्यायालय की अधोसंरचना और निर्माण कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान न्यायिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी, सुगम एवं पक्षकारों के अनुकूल बनाने से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया।
अधिवक्ता संघ ने किया आत्मीय स्वागत, समस्याओं और मांगों पर हुई चर्चा
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ कोरबा द्वारा मुख्य न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। संघ की ओर से अधिवक्ताओं से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को उनके समक्ष रखा गया तथा उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक पहल का अनुरोध किया गया। मुख्य न्यायमूर्ति को इस अवसर पर स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
अधिवक्ता संघ को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति श्री सिन्हा ने कहा कि अधिवक्ता संघ के सम्मान समारोह में उपस्थित होकर उन्हें गौरव का अनुभव हो रहा है। उन्होंने संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अधिवक्ता संघ की ओर से रखी गई मांगों पर विधिवत विचार करते हुए उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने अधिवक्ताओं से न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा पक्षकारों को समयबद्ध, सुगम और प्रभावी न्याय दिलाने की दिशा में समर्पित होकर कार्य करने का आह्वान किया।

कटघोरा व्यवहार न्यायालय का भी निरीक्षण, अधिवक्ताओं की समस्याएं सुनीं
इसके बाद मुख्य न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने व्यवहार न्यायालय, कटघोरा का निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायालय की न्यायालयीन व्यवस्थाओं, अधोसंरचना एवं पक्षकारों और अधिवक्ताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
कटघोरा में अधिवक्ता संघ की ओर से मुख्य न्यायमूर्ति का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस दौरान अधिवक्ता संघ, कटघोरा द्वारा न्यायालय से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को उनके समक्ष रखा गया। मुख्य न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार किए जाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि न्यायालयों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के साथ-साथ न्यायालयों की अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिवक्ताओं से न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सकारात्मक भूमिका निभाने तथा पक्षकारों को समय पर न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
दोनों न्यायालयों के न्यायाधीशों के साथ बैठक, लंबित मामलों पर हुई चर्चा
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायमूर्ति श्री सिन्हा ने कोरबा जिला न्यायालय एवं व्यवहार न्यायालय, कटघोरा के न्यायाधीशों के साथ बैठक भी की। बैठक में न्यायालयीन कार्यों की स्थिति, लंबित प्रकरणों, न्यायिक व्यवस्थाओं तथा मामलों के प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
मुख्य न्यायमूर्ति ने अपने संबोधन में कहा कि अपने पिछले साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान न्यायालयीन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ न्यायालयों की अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इस अवधि में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं तथा विभिन्न जिलों का भ्रमण कर न्यायालयीन व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया है।
न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
मुख्य न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा का कोरबा जिला न्यायालय से लेकर कटघोरा व्यवहार न्यायालय तक का यह निरीक्षण न्यायालयीन व्यवस्थाओं, अधोसंरचना और न्यायिक कार्यप्रणाली की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा। निरीक्षण के दौरान न्यायालयीन सुविधाओं को बेहतर बनाने, निर्माण कार्यों की प्रगति, लंबित प्रकरणों की समीक्षा तथा अधिवक्ताओं की समस्याओं को सुनने पर विशेष जोर रहा।
इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा के अध्यक्ष श्री संतोष शर्मा, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री रजनीश श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के अध्यक्ष श्री रविंद्र पराशर, जिला अधिवक्ता संघ कोरबा एवं कटघोरा के पदाधिकारी व अधिवक्तागण तथा जिला न्यायालय एवं व्यवहार न्यायालय में पदस्थ न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




