नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर फाइनेंस कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक…..
ऋण वसूली सहित राजीनामा योग्य प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर, पक्षकारों को मिलेगा सरल एवं सुलभ न्याय

कोरबा, 24 अगस्त 2026 :- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के मार्गदर्शन में आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
नेशनल लोक अदालत के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिक से अधिक राजीनामा योग्य प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित न्यायाधीशों की पैनल द्वारा विभिन्न फाइनेंस कंपनियों के पदाधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में फाइनेंस कंपनियों से संबंधित ऋण वसूली, वाहन ऋण, व्यक्तिगत ऋण तथा अन्य वित्तीय विवादों से जुड़े प्रकरणों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। पैनल द्वारा इस बात पर जोर दिया गया कि ऐसे प्रकरण, जिनमें आपसी समझौते की संभावना है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित रखने के बजाय लोक अदालत के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से निराकृत कराने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
समझौते से होगा समय और धन दोनों की बचत
बैठक में बताया गया कि लोक अदालत विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ समय, धन और श्रम की बचत होती है तथा उन्हें सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
न्यायाधीशों की गठित पैनल ने फाइनेंस कंपनियों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित ऋणी एवं अन्य पक्षकारों को नेशनल लोक अदालत के लाभों की जानकारी दें तथा समझौते की संभावनाओं वाले अधिक से अधिक प्रकरणों को चिन्हांकित कर उन्हें आपसी सहमति के आधार पर निराकृत कराने की दिशा में गंभीरता से प्रयास करें।
अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी नेशनल लोक अदालत को अधिक प्रभावी बनाते हुए राजीनामा योग्य प्रकरणों का अधिकतम संख्या में निराकरण सुनिश्चित करना रहा। फाइनेंस कंपनियों से भी अपेक्षा की गई कि वे पक्षकारों के साथ सकारात्मक एवं समन्वयपूर्ण रवैया अपनाते हुए समझौते की संभावनाओं को आगे बढ़ाएं।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से वित्तीय विवादों का समाधान होने से जहां संबंधित पक्षकारों को राहत मिलेगी, वहीं न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के राजीनामा योग्य मामलों के निराकरण में भी महत्वपूर्ण गति आएगी।
12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक प्रकरणों को समझौते के माध्यम से समाप्त कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।




