भ्रष्टाचार की खबरें लिखना पड़ा भारी! भाजपा विधायक के निज सचिव पर ग्रामीण पत्रकार को झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप, एसपी से सुरक्षा की गुहार…..

कोरबा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर कथित दबाव और धमकियों का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीण पत्रकार विष्णु कुमार यादव ने कोरबा पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़े मामलों का खुलासा करने के कारण उन्हें भाजपा कटघोरा विधायक के निज सचिव द्वारा कथित रूप से झूठे प्रकरण में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

शिकायत में पत्रकार ने स्वयं एवं अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की मांग करते हुए आशंका जताई है कि यदि समय रहते पुलिस प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जाए।

पत्रकार का आरोप है कि वे लगातार क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार, अवैध गतिविधियों और जनहित के मुद्दों पर समाचार प्रकाशित करते रहे हैं। इन्हीं खबरों से नाराज होकर उन्हें कथित रूप से डराने, धमकाने और झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल एक पत्रकार की सुरक्षा का मामला होगा बल्कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के अधिकार पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपे जाने के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई? क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच शुरू हुई? क्या शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित की गई? या फिर प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?
पत्रकार संगठनों और सामाजिक संगठनों में भी इस मामले को लेकर चिंता बढ़ रही है। मांग उठ रही है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए और यदि जांच में धमकी, डराने-धमकाने या झूठे मामले में फंसाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए, चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।




