कोरबा से शुरू हुआ ‘मेरा रेशम, मेरा अभिमान (MRMA) 2.0’ अभियान, अगले 100 दिनों में रेशम उत्पादन को मिलेगी नई उड़ान…..

कोरबा, 22 जुलाई 2026। :- रेशम उत्पादन के क्षेत्र में कोरबा जिले को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केन्द्रीय रेशम बोर्ड के महत्वाकांक्षी ‘मेरा रेशम, मेरा अभिमान (MRMA) 2.0’ अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ बुधवार को सहायक संचालक रेशम कार्यालय, कोरबा में आयोजित जिला हितधारक परामर्श बैठक (District Stakeholder Consultation Meeting) के साथ किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, वैज्ञानिकों, रेशम केंद्र प्रभारियों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में रेशमकीट पालकों की सहभागिता रही।
बैठक में सहायक संचालक रेशम, जिला कोरबा श्री बालभद्र सिंह भण्डारी, वैज्ञानिक-डी डॉ. विनोद सिंह सहित जिले के विभिन्न रेशम केंद्रों के अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन देते हुए डॉ. विनोद सिंह ने कहा कि MRMA 2.0 केवल एक अभियान नहीं, बल्कि रेशमकीट पालन को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और किसानों की आर्थिक समृद्धि से जोड़ने वाला व्यापक मिशन है। उन्होंने बताया कि आगामी 100 दिनों में जिलेभर में जागरूकता अभियान, तकनीकी प्रशिक्षण, परिक्षेत्र भ्रमण, प्रदर्शन कार्यक्रम एवं किसान उन्मुख गतिविधियों का व्यापक आयोजन किया जाएगा, ताकि नवीनतम तकनीकों का लाभ सीधे किसानों तक पहुँच सके।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले के लिए आगामी पाँच वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य जिले में तसर एवं शहतूत रेशम उत्पादन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना तथा कोरबा को देश के अग्रणी रेशम उत्पादक जिलों की श्रेणी में स्थापित करना है।
इस अवसर पर सहायक संचालक श्री बालभद्र सिंह भण्डारी ने सभी केंद्र प्रभारियों से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को अभियान से जोड़कर उन्हें आधुनिक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, गुणवत्ता में सुधार होगा और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समर्पण, सक्रियता और समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर करतला रेशम केंद्र के केंद्र प्रभारी श्री टी. पी. हंस ने केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा कोरबा जिले को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए चयनित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और किसान मिलकर इस अभियान को सफल बनाएंगे तथा जिले में रेशम उत्पादन को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अंत में उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
‘मेरा रेशम, मेरा अभिमान (MRMA) 2.0’ अभियान से उम्मीद की जा रही है कि कोरबा में रेशमकीट पालन को नई गति मिलेगी, किसानों को आधुनिक तकनीकों का लाभ प्राप्त होगा और आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र ग्रामीण रोजगार, आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरेगा। :::




