पाली में गूंजा आदिवासी अस्मिता का जयघोष, विश्व आदिवासी मूल दिवस पर उमड़ा जनसैलाब; मुख्य अतिथि विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम की मौजूदगी ने बढ़ाया आयोजन का मान……

कोरबा/पाली। विश्व आदिवासी मूल दिवस के अवसर पर पाली में आयोजित भव्य कार्यक्रम में आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति, परंपरा और गौरव का शानदार संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा, बुजुर्ग और नन्हे-मुन्ने बच्चे शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत, लोकनृत्य और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा पाली क्षेत्र आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को चार चांद लगा दिए। विधायक मरकाम के साथ उनके विधायक प्रतिनिधि श्री कुलदीप मरकाम सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने कार्यक्रम में पहुंचकर आयोजन का मान बढ़ाया और आदिवासी समाज की एकजुटता का संदेश दिया।
कार्यक्रम स्थल पर विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम का समाज के लोगों एवं आयोजकों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। उनके पहुंचते ही कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनसमुदाय में खासा उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक संस्कृति से सजे आयोजन में आदिवासी समाज की गौरवशाली विरासत की जीवंत झलक दिखाई दी।

संस्कृति, एकता और अधिकारों की बुलंद हुई आवाज
विश्व आदिवासी मूल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने केवल सांस्कृतिक उत्सव का रूप नहीं लिया, बल्कि आदिवासी अस्मिता, अधिकार, जल-जंगल-जमीन, शिक्षा और सामाजिक एकता के प्रति जागरूकता का मजबूत संदेश भी दिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की असली ताकत उसकी एकता, संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़ाव में है। नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ अपनी भाषा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को और खास बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने आदिवासी संस्कृति की खूबसूरती को जीवंत कर दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक गीत-संगीत के बीच पूरा वातावरण उत्सवमय हो उठा।

विधायक प्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं की सक्रिय मौजूदगी बनी आकर्षण का केंद्र
विधायक प्रतिनिधि कुलदीप मरकाम सहित उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं एवं आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी ने आयोजन को राजनीतिक एवं सामाजिक दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान की।
पविधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को नमन करते हुए समाज की एकता एवं विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखते हुए शिक्षा एवं जागरूकता के माध्यम से समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

पाली की धरती पर विश्व आदिवासी मूल दिवस का यह भव्य आयोजन आदिवासी एकता, संस्कृति और स्वाभिमान की बुलंद तस्वीर बनकर सामने आया। हजारों लोगों की मौजूदगी, पारंपरिक रंग और उत्साह से भरे माहौल ने यह संदेश दिया कि आदिवासी समाज अपनी गौरवशाली पहचान, संस्कृति और अधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी मजबूती के साथ एकजुट है।
“पहचान पर गर्व, संस्कृति से जुड़ाव और एकता में शक्ति”—इसी संकल्प के साथ पाली में विश्व आदिवासी मूल दिवस का आयोजन यादगार बन गया।




