टोल के नाम पर वसूली, सुविधाएं नदारद; विजय नायक ने खोला मोर्चा…..
दो टोल प्लाजा, बदहाल सड़कें; आम आदमी पार्टी ने उठाए तीखे सवाल

कोरबा। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-130 (रतनपुर–अंबिकापुर मार्ग) पर स्थित मदनपुर राजकम्मा टोल प्लाजा को लेकर क्षेत्र में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के लोकसभा उपाध्यक्ष विजय नायक ने क्षेत्रवासियों और प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों राहगीरों की समस्याओं को उठाते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम), जिला कलेक्टर एवं संबंधित विभागों को विस्तृत आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन में कहा गया है कि सिलहटी टोल प्लाजा से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर मदनपुर राजकम्मा टोल प्लाजा संचालित किया जा रहा है, जबकि आगे चोटिया टोल प्लाजा भी मौजूद है। आवेदनकर्ताओं का कहना है कि इससे वाहन चालकों को कम दूरी में बार-बार टोल शुल्क देना पड़ता है, जिससे आम जनता, व्यापारी, किसान और मालवाहक वाहन संचालक अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेल रहे हैं।
टोल पूरा, लेकिन सर्विस लाइन अधूरी!
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि करीब 10-10 किलोमीटर तक सर्विस लाइन (सर्विस रोड) का निर्माण अधूरा या पर्याप्त नहीं है, जबकि स्थानीय लोगों और धीमी गति से चलने वाले वाहनों के लिए सुरक्षित सर्विस रोड अत्यंत आवश्यक है। आरोप है कि सर्विस रोड की कमी के कारण ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, किसानों और स्थानीय वाहन चालकों को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
गड्ढों से छलनी राष्ट्रीय राजमार्ग, हर दिन हादसों का खतरा
आवेदन में राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। दावा किया गया है कि मार्ग के कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी सड़क और खराब रखरखाव के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। राहगीरों का कहना है कि टोल वसूली तो नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं देती।

“जनता टोल दे रही है, बदले में मिल रही हैं परेशानियां”
लोकसभा उपाध्यक्ष विजय नायक ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर निराधार आरोप लगाना नहीं, बल्कि वर्षों से क्षेत्रवासियों और राहगीरों द्वारा झेली जा रही समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने मांग की है कि यदि टोल लिया जा रहा है तो सड़क, सर्विस रोड, सुरक्षा और सुविधाएं भी नियमों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं।
आवेदन में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम तथा टोल संचालन संबंधी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।




