सीएम हेल्पलाइन 1076 पर उठे सवाल: शिकायत के बाद आश्वासन मिला, कार्रवाई आज तक नहीं…..

कोरबा। एक ओर सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित शिकायत निवारण का प्रभावी माध्यम बताकर व्यापक प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ शिकायतकर्ताओं का अनुभव इन दावों पर सवाल खड़े करता दिखाई दे रहा है।
शिकायत क्रमांक WP260700119434 दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता को CGHELP पोर्टल से संदेश प्राप्त हुआ कि शिकायत संबंधित अधिकारी को भेज दी गई है। इतना ही नहीं, शिकायत दर्ज होने के उसी दिन कोरबा कलेक्टर कार्यालय से दूरभाष के माध्यम से शिकायतकर्ता को यह आश्वासन भी दिया गया कि मामले में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इतने समय बीत जाने के बाद भी न तो मौके पर कोई जांच हुई, न किसी अधिकारी ने दोबारा संपर्क किया और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई दिखाई दी। ऐसे में शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि शिकायत दर्ज होने के बाद केवल औपचारिक संदेश और आश्वासन ही मिलें, लेकिन वास्तविक कार्रवाई न हो, तो आम नागरिकों का विश्वास प्रभावित होना स्वाभाविक है।
यह मामला कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करता है—क्या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज सभी शिकायतों का समान गंभीरता से निराकरण हो रहा है? क्या शिकायतों की नियमित निगरानी की जा रही है? यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही कैसे तय की जाती है?
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायत पर शीघ्र निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए तथा विलंब के कारणों को सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य तभी सफल माना जाएगा जब प्रत्येक शिकायत का वास्तविक, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो।




