राइस मिल निर्माण विवाद की जांच शुरू, शिकायत क्रमांक WP260700119434 पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश…..
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर हरकत में आया प्रशासन, कलेक्टर कार्यालय से शिकायतकर्ता को आया कॉल

कोरबा। ग्राम पंचाय weत कर्रा के आश्रित ग्राम भदरापारा में प्रस्तावित राइस मिल निर्माण को लेकर उठे विवाद ने अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत क्रमांक WP260700119434 पर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शिकायत दर्ज होने के बाद CGHELP की ओर से शिकायतकर्ता को संदेश भेजकर सूचित किया गया कि “आपकी शिकायत क्रमांक WP260700119434 संबंधित अधिकारी को भेज दी गई है।”
इसके कुछ ही समय बाद कलेक्टर कार्यालय से दूरभाष क्रमांक 9691901259 शिकायतकर्ता के मोबाइल क्रमांक 7067132069 पर सीधे संपर्क कर बताया गया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर विधिवत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारी ने फोन पर स्पष्ट किया कि शिकायत की जांच की जा रही है तथा संबंधित विभागों से तथ्यात्मक जानकारी मंगाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि यह शिकायत ग्राम कर्रा के भदरापारा में प्रस्तावित राइस मिल निर्माण से जुड़ी बताई जा रही है, जहां स्थानीय ग्रामीणों ने बिना वैध एनओसी, ग्रामसभा की सहमति तथा आवश्यक औपचारिकताओं के निर्माण कार्य किए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि राइस मिल संचालित होने से धूल, डस्ट, शोर तथा प्रदूषण के कारण आसपास के रहवासियों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जब तक सभी वैधानिक अनुमति, ग्रामसभा की सहमति तथा संबंधित विभागों की स्वीकृतियां सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हो जातीं, तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। इस मामले को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चा बनी हुई है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज होने और उसके बाद कलेक्टर कार्यालय द्वारा सीधे संपर्क कर जांच की पुष्टि किए जाने को प्रशासन की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन कानून के अनुरूप क्या निर्णय लेता है।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाती है, तो इससे न केवल विवाद का समाधान होगा बल्कि भविष्य में बिना आवश्यक अनुमति किसी भी औद्योगिक निर्माण को लेकर स्पष्ट संदेश भी जाएगा कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब पूरे मामले में प्रशासन की आगामी कार्रवाई, जांच रिपोर्ट तथा संबंधित विभागों के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में शिकायत के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो नियमानुसार आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।




