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कोल पिच में भीषण आग, प्रशासन और औद्योगिक इकाइयों की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी औद्योगिक त्रासदी..….

तीन घंटे तक चला राहत एवं बचाव अभियान, नगर सेना, अग्निशमन दल, बालको, एनटीपीसी और एचटीपीपी की संयुक्त कार्रवाई रही निर्णायक

कोरबा, 25 जुलाई 2026। जिले के औद्योगिक क्षेत्र खरमोरा स्थित वेस्टर्न इलेक्ट्रोड कार्बन फैक्ट्री में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब फैक्ट्री परिसर में रखे कोल पिच में अचानक आग भड़क उठी। आग की भयावहता को देखते हुए तत्काल जिला प्रशासन, नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं ने मोर्चा संभाला। विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के दमकल वाहनों और विशेषज्ञ अग्निशमन दलों की संयुक्त एवं त्वरित कार्रवाई से कुछ ही घंटों में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिससे एक संभावित बड़ी औद्योगिक दुर्घटना टल गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर 1:05 बजे श्री अंकुश अग्रवाल, पिता श्री सुभाष अग्रवाल, निवासी इंडस्ट्रियल एरिया, खरमोरा द्वारा वेस्टर्न इलेक्ट्रोड कार्बन फैक्ट्री के कोल पिच में आग लगने की की सूचना जिला प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, कोरबा की दमकल वाहन एवं प्रशिक्षित फायर टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना हो गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त संसाधन जुटाए और बालको, एचटीपीपी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह तथा एनटीपीसी के फायर कंट्रोल रूम को भी सूचना देकर सहायता मांगी। सूचना मिलते ही इन सभी प्रतिष्ठानों के दमकल वाहन एवं अग्निशमन दल घटनास्थल पर पहुंचे और समन्वित रणनीति के तहत आग बुझाने का अभियान प्रारंभ किया।

लगभग तीन घंटे तक चले लगातार राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अग्निशमन दलों ने अत्यंत सतर्कता, तकनीकी दक्षता और साहस का परिचय देते हुए आग को फैलने से रोक दिया। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो आसपास स्थित औद्योगिक इकाइयों तक आग फैलने की आशंका से भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था। संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया और संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।

घटनास्थल पर एसडीएम श्री सरोज महिलांगे सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौजूद रहे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की पल-पल निगरानी करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा समन्वय बनाकर अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया।

इस पूरी घटना की जानकारी कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत लगातार प्राप्त करते रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्वरित सूचना, समय पर कार्रवाई और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के बेहतर समन्वय के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही तथा किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यह संयुक्त अभियान आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक सतर्कता और संस्थागत समन्वय का एक प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया।

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