गेवरा–पेंड्रा रेल कॉरिडोर की लापरवाही पर बरसे आप लोकसभा उपाध्यक्ष विजय नायक, अधूरे ओवरब्रिज में फँसकर भुगती लोगों की पीड़ा…..

कोरबा। आम आदमी पार्टी के लोकसभा उपाध्यक्ष विजय नायक ने अपने लोकसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान गेवरा–पेंड्रा रेल कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें स्वयं अधूरे एवं अव्यवस्थित निर्माण कार्य के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भ्रमण के दौरान कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध मिला, जिससे उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ा और स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की कठिनाइयों का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ।

विजय नायक ने कहा कि गेवरा–पेंड्रा रेल कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के विकास और बेहतर यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देना है, लेकिन निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही और धीमी गति ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। अधूरे ओवरब्रिज, अव्यवस्थित डायवर्जन और खराब पहुंच मार्ग के कारण राहगीरों, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को प्रतिदिन भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों की उदासीनता के कारण स्थानीय नागरिकों को अनावश्यक रूप से समय, धन और श्रम की हानि हो रही है। कई बार लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

विजय नायक ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि को क्षेत्र भ्रमण के दौरान इतनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति सहज ही समझी जा सकती है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और समयसीमा पर भी सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने मांग की कि गेवरा–पेंड्रा रेल कॉरिडोर के अंतर्गत अधूरे ओवरब्रिज और पहुंच मार्गों का निर्माण युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए, सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए तथा आम जनता को हो रही परेशानियों का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आम आदमी पार्टी स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगी।

स्थानीय लोगों ने भी बताया कि अधूरे निर्माण और खराब यातायात व्यवस्था के कारण उन्हें प्रतिदिन घंटों जाम, धूल, खराब सड़कों और लंबी दूरी तय करने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य तभी सार्थक होगा, जब वह आम जनता की सुविधा बढ़ाए, न कि उनकी परेशानियों का कारण बने।




