केंदई रेंज में गजराज का तांडव: पतुरियाडांड की महिला को कुचलकर ली जान, दहशत में ग्रामीण…..

कोरबा, 24 जून 2026 :_ कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज अंतर्गत आने वाले पतुरियाडांड क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथी के आतंक ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार सुबह एक लोनर (अकेला) हाथी ने गांव के समीप पहुंचकर एक महिला पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पतुरियाडांड निवासी महिला सुबह अपने दैनिक कार्य के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान जंगल से निकलकर गांव की ओर पहुंचे लोनर हाथी का सामना महिला से हो गया। अचानक हुए हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से यह लोनर हाथी केंदई रेंज के विभिन्न गांवों और जंगल क्षेत्रों में लगातार विचरण कर रहा है। हाथी की गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। वन विभाग द्वारा समय-समय पर मुनादी और अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद यह दुखद घटना सामने आ गई।

घटना के बाद वन विभाग, पुलिस प्रशासन तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतिका के परिजनों को शासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। वहीं वन विभाग की टीम लगातार हाथी की निगरानी कर रही है ताकि वह किसी अन्य गांव की ओर न बढ़ सके।
वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को अकेले जंगल नहीं जाने, सुबह-शाम समूह में आवागमन करने, हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन अमले को सूचना देने तथा किसी भी स्थिति में हाथी के नजदीक जाने या उसे छेड़ने का प्रयास न करने की सलाह दी गई है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खेतों में काम करने और जंगल आधारित गतिविधियों के लिए जाने वाले लोगों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है तथा आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चिंताएं बढ़ गई हैं।




