SECL में महिलाओं का फूटा आक्रोश! हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन के साथ खोला मोर्चा, निष्पक्ष जांच की उठी जोरदार मांग……

कोरबा। जिले में उस समय हलचल मच गई जब बड़ी संख्या में महिलाएँ एकजुट होकर अपनी शिकायतों और मांगों को लेकर सामने आईं। महिलाओं ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि यदि उनकी शिकायतों पर समय रहते गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगी।
महिलाओं ने दावा किया कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रही हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उन्हें सार्वजनिक रूप से ज्ञापन सौंपने के लिए मजबूर होना पड़ा। ज्ञापन में विभिन्न बिंदुओं का उल्लेख करते हुए मामले की पारदर्शी जांच, जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने के लिए ठोस व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है।

ज्ञापन सौंपने पहुँची महिलाओं ने कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय और पारदर्शिता की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम लोगों का विश्वास व्यवस्था पर बना रहे।

महिलाओं के हाथों में मौजूद हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन यह संकेत देता है कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि कई लोगों की सामूहिक चिंता का विषय है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है और अब लोगों की निगाहें संबंधित विभाग एवं प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतें गंभीर हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। इससे न केवल सच्चाई सामने आएगी बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की संभावना भी कम होगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन महिलाओं की मांगों पर तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएगा, या फिर यह ज्ञापन भी केवल फाइलों तक सीमित रह जाएगा? आने वाले दिनों में अधिकारियों की कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।




