कटघोरा बना बेटियों की ताकत का केंद्र, आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ……
"आत्मरक्षा केवल सुरक्षा नहीं, आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व का सशक्त माध्यम" – मंत्री लखन लाल देवांगन

कोरबा, 01 अगस्त 2026। कटघोरा का मंगल भवन शनिवार को उस समय जोश, उत्साह और आत्मविश्वास से गूंज उठा, जब राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर–2026 का भव्य शुभारंभ उद्योग, वाणिज्य, श्रम एवं आबकारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में हुआ। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंची प्रतिभाशाली बेटियों ने इस शिविर में भाग लेकर यह संदेश दिया कि आज की नारी केवल सपने देखने वाली नहीं, बल्कि हर चुनौती का डटकर सामना करने वाली सशक्त शक्ति है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण केवल स्वयं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों के व्यक्तित्व में आत्मविश्वास, अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता का विकास करता है। उन्होंने कहा कि जब बेटियां आत्मनिर्भर बनती हैं, तब परिवार मजबूत होता है, समाज सुरक्षित होता है और राष्ट्र विकास की नई ऊंचाइयों को छूता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को नई दिशा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकें। सरकार का उद्देश्य हर खिलाड़ी को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना है।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया’ जैसी महत्वाकांक्षी पहल ने देशभर के खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। आधुनिक प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने से देश के युवाओं में खेलों के प्रति नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने विशेष रूप से बेटियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियां खेल, शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, कला और सामाजिक नेतृत्व सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। यदि उन्हें सही प्रशिक्षण, उचित मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें, तो वे देश का गौरव बढ़ाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं।

मंत्री श्री देवांगन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर प्रतिभागियों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं देगा, बल्कि जीवन के हर संघर्ष में आत्मविश्वास, अनुशासन, धैर्य और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान करेगा। उन्होंने जिला कुडो संघ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर महिलाओं और बेटियों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे आयोजन में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा का अनूठा संगम दिखाई दिया।
इस अवसर पर पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, पार्षद श्री जनक राजपूत, कुडो कराते संघ की अध्यक्ष सुश्री सीता रजक, प्रशिक्षकगण, खिलाड़ी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर–2026 का यह शुभारंभ केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में देखा जा रहा है।




