प्रदेशभर में नकली (एनालॉग) पनीर पर सख्त शिकंजा, कोरबा में खाद्य सुरक्षा विभाग का ताबड़तोड़ जांच अभियान..
डेयरी, मिल्क पार्लर और खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण, हलवाई-कैटरर्स को सख्त चेतावनी—नकली पनीर मिला तो होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

कोरबा, 02 अगस्त 2026। प्रदेश सरकार द्वारा नकली (एनालॉग) पनीर के क्रय, विक्रय, संग्रह एवं उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कोरबा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। आम नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ रोकने के उद्देश्य से जिलेभर में व्यापक एवं सघन जांच अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। रविवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में कई डेयरी, मिल्क पार्लर एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान वंदना सेल्स, वचन मिल्क पार्लर, अलंकार डेयरी, गणेश डेयरी, प्रभात डेयरी, रवि डेयरी, संतोष डेयरी तथा सर्वमंगला डेयरी सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उपलब्ध पनीर एवं अन्य डेयरी उत्पादों की जांच की। विभाग के अनुसार इस अभियान में किसी भी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर नहीं पाया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई व्यक्ति, व्यापारी, डेयरी संचालक, होटल, रेस्टोरेंट, हलवाई, कैटरर अथवा अन्य खाद्य प्रतिष्ठान नकली (एनालॉग) पनीर का क्रय, विक्रय, संग्रह या उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अन्य आवश्यक दंडात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।

विभाग ने जिले के सभी हलवाई, मिठाई दुकानदारों, होटल संचालकों, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसायियों तथा शादी, भोज, धार्मिक आयोजन एवं अन्य सामूहिक कार्यक्रमों में भोजन तैयार करने वाले संचालकों को निर्देशित किया है कि वे केवल मानक एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री का उपयोग करें। साथ ही सभी व्यवसायी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुरूप आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीयन प्राप्त कर ही अपना व्यवसाय संचालित करें। विभाग ने दो टूक कहा है कि किसी भी परिस्थिति में एनालॉग पनीर का उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी दिनों में जिले के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार औचक निरीक्षण किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशालाओं में भी भेजे जाएंगे, ताकि आम जनता तक केवल सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री ही पहुंच सके।
विभाग ने आम नागरिकों से भी महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी स्थान पर नकली अथवा एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण या उपयोग की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को दें। नागरिकों की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता से ही मिलावटी एवं नकली खाद्य पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोहराया कि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिलावटी एवं प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के विरुद्ध जिले में आगे भी लगातार निगरानी, औचक निरीक्षण और आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




