नाबालिग बेटी की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप: परिजनों ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, हत्या व दुष्कर्म की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग…..

कोरबा, 29 जून। जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग बालिका की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से आहत परिजनों ने पुलिस की अब तक की जांच पर सवाल उठाते हुए सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं बल्कि बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मामले में हत्या तथा दुष्कर्म की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

मृतका की मां ने अपने आवेदन में बताया कि घटना वाले दिन उनकी नाबालिग बेटी के साथ कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से मारपीट की गई थी। इसके कुछ समय बाद वह घर में मृत अवस्था में मिली। परिजनों का आरोप है कि पहले बालिका के साथ गंभीर मारपीट की गई और बाद में पूरे घटनाक्रम को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से उसे फांसी पर लटका दिया गया, ताकि वास्तविक घटना से ध्यान भटकाया जा सके।
परिजनों का कहना है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस जांच की वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत नहीं कराया गया है। उनका आरोप है कि जब भी वे बांकीमोंगरा थाना पहुंचकर जांच की प्रगति के संबंध में जानकारी मांगते हैं, तो उन्हें स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता। इससे उनके मन में जांच की निष्पक्षता को लेकर लगातार संदेह गहराता जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके पास उपलब्ध कथित कॉल रिकॉर्डिंग तथा अन्य तथ्यों के आधार पर बालिका के साथ दुष्कर्म की आशंका भी व्यक्त की गई है। परिजनों ने मांग की है कि इन सभी तथ्यों की वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी भी प्रकार की आपराधिक संलिप्तता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सोमवार को मृतका की मां अपने परिजनों और शुभचिंतकों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने लिखित आवेदन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को न्याय तभी मिलेगा, जब निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलेगी।
परिजनों ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की है कि जांच में किसी प्रकार का दबाव या पक्षपात न हो तथा आवश्यक होने पर मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जाए। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे न्याय के लिए उच्च अधिकारियों एवं न्यायालय की शरण लेने को भी विवश होंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में भी मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और यदि किसी की संलिप्तता हो तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।




