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खिरटी में गूंजी साइबर सुरक्षा की चेतावनी: पुलिस ने ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी के नए हथकंडों से किया सतर्क, 1930 हेल्पलाइन की दी जानकारी..…

कोरबा से जितेंद्र सागर की खास रिपोर्ट 

कोरबा/पोड़ीउपरोड़ा :- बदलते डिजिटल दौर में जहां ऑनलाइन सुविधाओं ने लोगों की जिंदगी आसान कर दी है, वहीं साइबर अपराधी भी ठगी के नए-नए तरीके अपनाकर आम लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत खिरटी में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी देना तथा डिजिटल लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करना रहा।

 

कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरल भाषा में साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि थोड़ी सी लापरवाही लोगों की मेहनत की कमाई को पलभर में खतरे में डाल सकती है। अधिकारियों ने विशेष रूप से ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या सोशल मीडिया संदेश पर भरोसा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें।

ओटीपी, पासवर्ड और बैंक की जानकारी साझा न करने की अपील

 

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार, केवाईसी कर्मचारी या अन्य प्रतिष्ठित संस्था का कर्मचारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और डराकर अथवा लालच देकर गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, पासवर्ड, पिन, बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें।

 

इसके साथ ही फर्जी इनाम, लॉटरी, नौकरी, केवाईसी अपडेट, बैंक खाता बंद होने, बिजली बिल बकाया, मोबाइल सिम बंद होने अथवा अन्य किसी बहाने से भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई।

 

फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से रहें सावधान

 

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि साइबर अपराधी कई बार मोबाइल पर लिंक भेजकर लोगों को किसी वेबसाइट या एप पर जाने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से व्यक्तिगत जानकारी चोरी होने अथवा आर्थिक नुकसान होने की आशंका रहती है। ग्रामीणों से कहा गया कि अनजान नंबरों से आने वाले कॉल, मैसेज, ई-मेल और सोशल मीडिया संदेशों को लेकर विशेष सावधानी बरतें।

 

सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करने, निजी फोटो अथवा दस्तावेज साझा करने और संदिग्ध लिंक खोलने से बचें।

 

साइबर ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें

 

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तत्काल शिकायत करना बेहद जरूरी है। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने या आगे के नुकसान को सीमित करने में मदद मिल सकती है।

 

ग्रामीणों को साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी दी गई तथा साइबर अपराध की स्थिति में जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा पुलिस ने लोगों से कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित पुलिस थाना अथवा साइबर अपराध से जुड़े सक्षम माध्यमों तक तत्काल पहुंचाएं।

 

डिजिटल लेन-देन में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

 

अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय हमेशा सतर्कता बरतनी चाहिए। भुगतान प्राप्त करने के नाम पर आने वाले किसी भी लिंक या क्यूआर कोड को बिना समझे स्कैन नहीं करना चाहिए। ग्रामीणों को विशेष रूप से समझाया गया कि पैसे प्राप्त करने के लिए सामान्यतः किसी को अपना यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करना अथवा मोबाइल का रिमोट एक्सेस देना भी जोखिम भरा हो सकता है।

 

ग्रामीणों ने लिया साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संकल्प

 

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों को बताया गया कि साइबर अपराध से बचाव केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतर्कता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

 

कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, पड़ोस और गांव के अन्य लोगों को भी ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्क करने का संकल्प लिया। ग्राम पंचायत खिरटी में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम डिजिटल युग में ग्रामीणों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

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