भाजपा में अंदरूनी घमासान! अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह रंधावा और कटघोरा मंडल अध्यक्ष अभिषेक गर्ग में कथित हाथापाई, संगठन में मचा हड़कंप…..
कहासुनी से बढ़ा विवाद, मामला कथित हाथापाई तक पहुंचने की चर्चा; भाजपा के अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादा पर उठे सवाल

कोरबा/कटघोरा। भारतीय जनता पार्टी के कटघोरा संगठन में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह रंधावा और कटघोरा मंडल अध्यक्ष अभिषेक गर्ग के बीच कथित तौर पर विवाद और हाथापाई होने की खबर सामने आई। घटना की चर्चा फैलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं से लेकर स्थानीय राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई।
जानकारी के अनुसार, दोनों पदाधिकारियों के बीच किसी मुद्दे को लेकर पहले तीखी बहस हुई। देखते ही देखते विवाद ने कथित तौर पर उग्र रूप ले लिया और मामला हाथापाई तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। हालांकि, घटनाक्रम की पूरी वास्तविकता और विवाद की मूल वजह अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।
दो जिम्मेदार पदाधिकारी आमने-सामने, आखिर क्यों?
भाजपा संगठन में पदाधिकारियों से अनुशासन, संयम और आपसी समन्वय की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में संगठन के दो जिम्मेदार पदाधिकारियों के बीच कथित मारपीट की चर्चा ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि बातचीत और संगठनात्मक स्तर पर समाधान की गुंजाइश खत्म होकर मामला कथित हाथापाई तक पहुंच गया?
क्या यह केवल व्यक्तिगत विवाद था या इसके पीछे संगठन के भीतर चल रही किसी पुरानी खींचतान ने भी भूमिका निभाई? इसको लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कार्यकर्ताओं में बेचैनी, संगठन की चुप्पी पर निगाहें
घटना की चर्चा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी बेचैनी का माहौल बताया जा रहा है। स्थानीय कार्यकर्ता अब संगठन के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों की नजर भी इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस कथित विवाद को किस नजरिए से देखता है और क्या दोनों पक्षों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। यदि घटना की पुष्टि होती है, तो संगठनात्मक अनुशासन को लेकर कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
विवाद ने खड़े किए कई गंभीर सवाल
भाजपा के दो प्रमुख पदाधिकारियों के बीच कथित विवाद की खबर ने संगठन के भीतर आपसी समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर अंदरखाने ऐसा क्या चल रहा है, जिसकी वजह से जिम्मेदार पदाधिकारी सार्वजनिक विवाद की स्थिति तक पहुंच रहे हैं।
फिलहाल मामले की पूरी तस्वीर संबंधित दोनों पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही साफ हो सकेगी। कथित हाथापाई की पुष्टि, विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने आना अभी बाकी है।
लेकिन इतना जरूर है कि इस घटना की चर्चा ने कटघोरा भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अब नजर संगठन के अगले कदम पर
क्या भाजपा नेतृत्व मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराएगा?
क्या दोनों पदाधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा?
क्या विवाद के पीछे कोई बड़ा संगठनात्मक मतभेद है?
इन सवालों के जवाब आने वाले समय में ही सामने आएंगे। फिलहाल कथित विवाद ने भाजपा के स्थानीय संगठन की राजनीति में हलचल जरूर तेज कर दी है।




