सेवा सेतु’ : छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन की नई क्रांति, घर बैठे मिल रही 441 शासकीय सेवाएं…..
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से प्रशासन हुआ स्मार्ट, पारदर्शी और जनहितकारी

कोरबा, 14 मई 2026 छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल सुशासन की दिशा में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक सेवाओं को सरल, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया “सेवा सेतु” अब आम नागरिकों के लिए भरोसेमंद डिजिटल प्लेटफॉर्म बन चुका है।
अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, भू-नकल सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन मंच पर उपलब्ध हैं। इससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली है और सेवाएं तय समय-सीमा में घर बैठे उपलब्ध हो रही हैं।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने नागरिकों से की अपील — “सेवा सेतु का लाभ उठाकर समय और श्रम दोनों बचाएं”
कलेक्टर Kunal Dudawat ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि नागरिक “सेवा सेतु” के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का त्वरित लाभ उठाएं।
डिजिटल सुशासन का मजबूत आधार बना “सेवा सेतु”
पहले किसी प्रमाण-पत्र या शासकीय सेवा के लिए नागरिकों को अलग-अलग विभागों और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। समय, पैसा और श्रम की भारी बर्बादी होती थी। लेकिन “सेवा सेतु” ने इस पारंपरिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है।
अब नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर “वन स्टॉप सॉल्यूशन” उपलब्ध हो रहा है, जहां से वे ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह पहल केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में व्यापक सुधार का प्रतीक बनकर उभरी है।
86 से बढ़कर 441 सेवाएं — प्रशासनिक सुधार का बड़ा उदाहरण
पहले ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म पर केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं, लेकिन समय की मांग को देखते हुए इसे उन्नत कर “सेवा सेतु” के रूप में विकसित किया गया।
अब इस प्लेटफॉर्म पर —
441 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं
54 नई सेवाएं जोड़ी गई हैं
329 री-डायरेक्ट सेवाओं का सफल एकीकरण किया गया है
30 से अधिक विभाग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं
इससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टल और कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा तथा प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हुई है।
95 प्रतिशत से अधिक मामलों का समय-सीमा में निराकरण
छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को समयबद्ध सेवाओं का अधिकार प्राप्त है और “सेवा सेतु” इस अधिकार को मजबूती देने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
पिछले 28 महीनों में —
75 लाख 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए
68 लाख 41 हजार से अधिक मामलों का निराकरण किया गया
95 प्रतिशत से अधिक आवेदन तय समय-सीमा में निपटाए गए
ये आंकड़े प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही की मजबूत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची डिजिटल सुविधाएं
चिप्स कार्यालय के अनुसार सबसे अधिक आवेदन आय प्रमाण-पत्र, मूल निवास, ओबीसी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रमाण-पत्रों के लिए प्राप्त हुए हैं।
यह दर्शाता है कि आम नागरिकों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना कितना महत्वपूर्ण था। अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोग भी कॉमन सर्विस सेंटर और लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से आसानी से लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
व्हाट्सएप से भी मिल रही सरकारी सेवाएं
तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए “सेवा सेतु” को अब व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है। इससे लोगों को सेवाओं की जानकारी और ऑनलाइन प्रक्रिया तक और अधिक आसान पहुंच मिल रही है।
अब तक इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 3.3 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं, जो डिजिटल इंडिया की अवधारणा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।
जनता और शासन के बीच भरोसे का नया सेतु
“सेवा सेतु” आज केवल एक डिजिटल पोर्टल नहीं, बल्कि नागरिक और शासन के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली के कारण आवेदन प्रक्रिया की सतत निगरानी संभव हुई है, जिससे अनावश्यक विलंब और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी नियंत्रण देखने को मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार की यह अभिनव पहल प्रशासनिक सुधार, तकनीकी नवाचार और जनसुविधा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। आने वाले समय में “सेवा सेतु” देशभर के लिए डिजिटल सुशासन का मॉडल बन सकता है।
“डिजिटल युग में सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जनता तक पहुंचाना है — सेवा सेतु इसी सोच का सशक्त उदाहरण है।”




