कोरबा में कोटपा एक्ट के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई…..
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और स्कूलों के आसपास तंबाकू बिक्री पर प्रशासन सख्त

कोरबा, 07 मई 2026/
छत्तीसगढ़ शासन के “सही दवा-शुद्ध आहार” अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले में तंबाकू नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री कुणाल दुदावत के निर्देश तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कोटपा एक्ट 2003 के प्रावधानों के अनुसार व्यापक चालानी कार्रवाई की गई।
30 दुकानों पर चालान, 2,070 रुपए का जुर्माना वसूला गया
06 एवं 07 मई 2026 को सहायक औषधि नियंत्रक के निर्देशन में गठित प्रवर्तन दल ने कोरबा शहर के रिस्दी क्षेत्र, जिला अस्पताल परिसर, कोसाबाड़ी क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों में स्थित पान दुकानों, चाय ठेलों, भोजनालयों और किराना दुकानों का निरीक्षण किया। जांच अभियान के दौरान कोटपा एक्ट की धारा 4 एवं धारा 6 के उल्लंघन पाए जाने पर कुल 35 दुकानों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें 5 दुकानदारों को चेतावनी देकर छोड़ा गया, जबकि 30 दुकानों पर कुल 2,070 रुपए का चालान किया गया।
इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के औषधि निरीक्षक श्री सुनील सांडे, श्री ऋषि साहू, श्री वीरेंद्र भगत तथा तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम से श्री संतोष केवट शामिल रहे।
क्या है कोटपा एक्ट 2003?
सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA Act-2003) का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा युवाओं को तंबाकू की लत से बचाना है। इस कानून के तहत कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए गए हैं—
धारा 4 : सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पूर्णतः प्रतिबंधित।
धारा 5 : तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन, प्रचार-प्रसार पर रोक।
धारा 6 : 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू बिक्री तथा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू बिक्री प्रतिबंधित।
धारा 7, 8 एवं 10 : बिना स्वास्थ्य चेतावनी वाले तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित।
कोटपा एक्ट की धारा 4 एवं 6 के उल्लंघन पर 200 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तंबाकू नियंत्रण को लेकर यह अभियान आगे भी जिले के सभी विकासखंडों में लगातार जारी रहेगा। शासन का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से बचाते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।




