https://diwanexpressnews.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifछत्तीसगढ़टेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़देशराज्यलोकल न्यूज़

दूरस्थ अंचलों की बदलेगी तस्वीर! कलेक्टर कुणाल दुदावत का बड़ा एक्शन, जर्जर सड़कों पर जताई कड़ी नाराज़गी, 15 नवंबर तक निर्माण पूरा करने के सख्त निर्देश…..

पीएम जनमन और पीएमजीएसवाई की सड़कों का किया औचक निरीक्षण, ग्रामीणों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश

कोरबा, 07 अगस्त 2026।:-  दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) बाहुल्य क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने शुक्रवार को पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के कई गांवों का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को सुरक्षित, सुगम और गुणवत्तापूर्ण सड़क सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन एवं एसडीएम श्री मनोज कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सरमा–पसान मार्ग की बदहाल स्थिति पर जताई नाराज़गी, तत्काल मरम्मत के निर्देश

कलेक्टर ने ग्राम सरमा से पसान मार्ग का निरीक्षण किया, जहां सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे पाए गए। उन्होंने मौके पर ही एसईसीएल रानी अटारी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से प्रतिदिन भारी संख्या में कोयला परिवहन करने वाले वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़क प्रभावित होती है। ऐसे में ग्रामीणों की सुरक्षा, स्कूली बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए सभी गड्ढों की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाए।

 

उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि आम लोगों को सुरक्षित और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।

पीएम जनमन योजना की सड़कों में तेजी लाने के निर्देश

 

कलेक्टर ने पीवीटीजी बाहुल्य ग्रामों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए पीएम जनमन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसियों से कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।

लैंगा से सेमरा–सैला–जिल्दा तक बन रही 14.30 किलोमीटर लंबी सड़क का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 15 नवंबर 2026 तक हर हाल में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए विकास की नई राह खोलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच को और आसान बनाएगी।

कटोरी नगोई–केशलपुर सड़क का भी किया निरीक्षण

दौरे के दौरान कलेक्टर ने कटोरी नगोई–केशलपुर मार्ग पर निर्माणाधीन 6.90 किलोमीटर लंबी पीएमजीएसवाई सड़क का भी निरीक्षण किया। रेलवे लाइन के अंतर्गत आने वाले हिस्से में कार्य अधूरा मिलने पर उन्होंने रेलवे अधिकारियों से तत्काल समन्वय स्थापित कर शेष कार्य समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी विभागीय समन्वय के अभाव में विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए और ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा समय पर मिलनी चाहिए।

पसान स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मरीजों से किया सीधा संवाद, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

सड़क निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पंजीयन कक्ष, प्रसव कक्ष, मरीज वार्ड, दवा वितरण कक्ष तथा स्टोर रूम का बारीकी से अवलोकन किया और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया।

उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की सभी स्वास्थ्य योजनाओं एवं सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के अधिक से अधिक लोग शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

मरीजों से किया सीधा संवाद, व्यवस्थाओं की ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर उपचार, डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाइयों, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

सुरक्षित मातृत्व और एचआरपी महिलाओं पर विशेष फोकस

कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं को समय पर संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की सूची की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रसव के बाद माताओं को सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रोटीनयुक्त एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क निर्माण हो या स्वास्थ्य सेवाएं—दोनों ही क्षेत्रों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनसुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों में तेजी लाते हुए प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर आधारभूत सुविधाएं समय पर मिल सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!