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शराब पीकर गली-सड़क या चौक-चौराहे पर दंगा किया तो ₹5 हजार जुर्माना! मल्दा ग्राम सभा का नशे के खिलाफ बड़ा ऐलान…..

शराबियों की मनमानी पर ग्राम सभा का शिकंजा, लड़ाई-झगड़ा और गाली-गलौज करने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना; शराब बनाने-बेचने वालों के खिलाफ भी सख्त नियम

कोरबा/कटघोरा/मल्दा :-  ग्राम पंचायत मल्दा में आयोजित विशेष ग्राम सभा में गांव को नशे और नशे से होने वाले विवादों से बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। ग्राम सभा में शराब बनाने एवं बेचने वालों के खिलाफ सख्त नियम बनाने के साथ-साथ शराब पीकर सार्वजनिक स्थानों पर दंगा, लड़ाई-झगड़ा अथवा गाली-गलौज करने वालों पर ₹5,000 का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है।

ग्राम सभा में स्पष्ट रूप से यह बात सामने रखी गई कि शराब के नशे में गली, सड़क, चौक-चौराहे अथवा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा, दंगा, लड़ाई-झगड़ा या गाली-गलौज करने की स्थिति में ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। इस निर्णय को गांव की शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में उठाया गया सख्त कदम माना जा रहा है।

अब सार्वजनिक जगहों पर नशे में हंगामा करना पड़ेगा भारी!

अक्सर शराब के नशे में सार्वजनिक स्थानों पर विवाद और गाली-गलौज से गांव का माहौल खराब होने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के उद्देश्य से ग्राम सभा ने कड़ा रुख अपनाया है।

ग्राम सभा के निर्णय के अनुसार शराब पीकर गली, सड़क या चौक-चौराहे पर दंगा अथवा लड़ाई-झगड़ा करने और गाली-गलौज कर सार्वजनिक शांति भंग करने वालों पर ₹5,000 का जुर्माना लगाए जाने की बात तय की गई है।

 

इस फैसले से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि शराब के नशे में किसी को भी गांव की शांति और सामाजिक माहौल बिगाड़ने की छूट नहीं दी जाएगी।

शराब बनाने-बेचने वालों पर भी ग्राम सभा की नजर

ग्राम सभा में केवल शराब पीकर उत्पात मचाने वालों को ही निशाने पर नहीं लिया गया, बल्कि शराब बनाने और बेचने वाले परिवारों को लेकर भी कई नियम निर्धारित किए गए हैं। ग्राम सभा की लिखित कार्यवाही में ऐसे परिवारों को लेकर विभिन्न पंचायत एवं सामाजिक स्तर के प्रतिबंधों का उल्लेख किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नशे का कारोबार बढ़ने से सबसे ज्यादा नुकसान युवा पीढ़ी को होता है। इसलिए शराब के अवैध कारोबार पर रोक और नशे से दूर रहने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

नशे के खिलाफ मल्दा में दिखी ग्रामीणों की एकजुटता

ग्राम सभा में लिए गए इन फैसलों ने यह संकेत दिया है कि ग्रामीण अब गांव में नशे के कारण होने वाले विवादों और सामाजिक अशांति को लेकर गंभीर हैं। ग्राम सभा की इस पहल का उद्देश्य गांव में ऐसा शांति वातावरण तैयार करना है, जहां युवा नशे से दूर रहें और सार्वजनिक स्थानों पर शांति एवं अनुशासन कायम रहे।

हालांकि, जुर्माना व अन्य प्रतिबंधों को लागू करने में संबंधित कानूनों और सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया का पालन जरूरी होगा। ग्राम सभा के सामाजिक संकल्प को प्रभावी बनाने के लिए पंचायत के साथ पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहेगा।

मल्दा से साफ संदेश—नशा करेगा गांव की शांति भंग, तो होगी कार्रवाई की मांग

मल्दा ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में शराब के खिलाफ उठाई गई यह आवाज अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। शराब पीकर गली-सड़क या चौक-चौराहे पर लड़ाई-झगड़ा और गाली-गलौज करने वालों पर ₹5 हजार के जुर्माने का निर्णय नशे के खिलाफ ग्राम स्तर पर उठाए गए सख्त कदम के रूप में सामने आया है।

अब देखना होगा कि ग्राम सभा में बनाए गए इन नियमों का धरातल पर किस तरह पालन कराया जाता है और नशे के खिलाफ शुरू हुई यह पहल गांव को वास्तव में कितना नशामुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण देने में सफल होती है।

मल्दा की ग्राम सभा का संदेश साफ है—गांव की शांति से खिलवाड़ नहीं चलेगा, नशे में सार्वजनिक उपद्रव करने वालों को सामाजिक और वैधानिक प्रक्रिया के तहत जवाबदेही का सामना करना होगा।

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