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जनप्रतिनिधियों के विरोध का असर: पोड़ी उपरोड़ा जनपद CEO भूपेंद्र सोनवानी का तबादला, विकास कार्यों के गतिरोध पर सरकार की कार्रवाई….

कोरबा, 01 जुलाई। पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत में पिछले कई दिनों से विकास कार्यों की स्वीकृति और कार्यों की आईडी (वर्क आईडी) जारी नहीं होने को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) भूपेंद्र कुमार सोनवानी के तबादले के साथ नए मोड़ पर पहुंच गया। जनप्रतिनिधियों के लगातार विरोध, तालाबंदी और आंदोलन की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से उनका तबादला सूरजपुर कर दिया है।

बताया जा रहा है कि जनपद पंचायत क्षेत्र में अनेक विकास कार्य प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बावजूद वर्क आईडी जारी नहीं होने के कारण लंबे समय से अटके हुए थे। इससे पंचायतों में निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस मुद्दे को लेकर जनपद सदस्य, सरपंच और जनप्रतिनिधि लगातार नाराज चल रहे थे।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब जनपद सदस्यों एवं सरपंचों ने जनपद पंचायत कार्यालय में तालाबंदी कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द ही कार्यों की आईडी जारी नहीं की गई तो चक्काजाम, दोबारा तालाबंदी और व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

जनप्रतिनिधियों के बढ़ते दबाव और क्षेत्र में बन रहे तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी भूपेंद्र कुमार सोनवानी का तत्काल प्रभाव से तबादला कर उन्हें सूरजपुर भेजने का आदेश जारी कर दिया गया।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी का विरोध करना नहीं था, बल्कि पंचायतों में रुके विकास कार्यों को गति देना था। उनका आरोप था कि समय पर वर्क आईडी जारी नहीं होने से करोड़ों रुपये के विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही थी।

अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए मुख्य कार्यपालन अधिकारी की नियुक्ति के बाद लंबित वर्क आईडी शीघ्र जारी होंगी और पंचायतों में रुके विकास कार्य दोबारा गति पकड़ेंगे। प्रशासन की इस कार्रवाई को जनप्रतिनिधियों के आंदोलन का बड़ा असर माना जा रहा है, जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है।

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