पाली उप वनमंडल में वन माफियाओं के हौसले बुलंद? पाली से उड़ता (रामपुर) पहुंच मार्ग के किनारे धड़ल्ले से पेड़ों की कटाई, वन भूमि पर निर्माण की चर्चा से मचा हड़कंप……

कोरबा/पाली :- पाली उप वनमंडल अंतर्गत पाली से उड़ता (रामपुर) पहुंच मार्ग के आसपास कथित रूप से हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर मकान निर्माण कार्य तेजी से किए जाने की चर्चाओं ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि यह भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है, तो आखिर इतने बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियां किसकी निगरानी में चल रही हैं और अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों दिखाई नहीं दे रही?
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे कई स्थानों पर पेड़ों की कटाई के बाद भूमि को समतल कर निर्माण कार्य किए जाने की बात सामने आ रही है। यदि यह सही है, तो यह केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और वन कानूनों के पालन पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

सबसे अधिक सवाल पाली उप वनमंडल की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि आम नागरिक वन क्षेत्र से एक पेड़ भी काटता है तो उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन कथित रूप से बड़े स्तर पर निर्माण गतिविधियां होने की चर्चाओं के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही। इससे लोगों के मन में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।

ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित स्थल का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए, यह सार्वजनिक किया जाए कि संबंधित भूमि की वास्तविक प्रकृति क्या है, निर्माण के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति ली गई है या नहीं, तथा यदि किसी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध पेड़ कटाई या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
पर्यावरणविदों का कहना है कि अनियंत्रित पेड़ कटाई और वन क्षेत्रों में अवैध निर्माण न केवल हरित क्षेत्र को कम करते हैं, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, भूजल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जनता पूछ रही है—
1- क्या पाली से उड़ता (रामपुर) पहुंच मार्ग के आसपास हो रहे निर्माण कार्य की जांच की गई है?
2- क्या संबंधित भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है?
3- यदि पेड़ों की कटाई हुई है, तो उसकी अनुमति किस आधार पर दी गई?
4- क्या पाली उप वनमंडल के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है?
5- यदि कोई अनियमितता नहीं है, तो तथ्य सार्वजनिक कर लोगों की शंकाएं दूर क्यों नहीं की जा रहीं?
अब क्षेत्रवासियों की मांग है कि जिला प्रशासन एवं वन विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे। यदि कहीं भी वन भूमि पर अतिक्रमण, अवैध पेड़ कटाई या बिना अनुमति निर्माण की पुष्टि होती है, तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई कर वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।




